| जन्म (ठपतजी) अट्ठारह नवम्बर, 1940 को दोफार क्षेत्र के सलालाह नाम स्थान में एक बालक का जन्म हुआ, जिसक हाथों ओमान की चतुद्रिक् उन्नति और गौरवशाली वैभव का पवित्र इतिहास रचा जाने वाला था। कवियों ने बालक के जन्म पर सुन्दर कविताओं के द्वारा उसके पिता को शुभकामनाएँ दीं। अपने पिता सुल्तान सईद बिन तैमूर की इकलौती संतान के रूप में बालम ने अल बु सईदी वंश की आठवीं पीढ़ी में जन्म लिया था। पिता ने बालक का नामकरण ‘काबूस' के रूप् में किया जो स्वयं में असाधारण, अतिविशिष्ट एवं चिरप्रभावी सिद्ध हुआ। इस सल्तनत के संस्थापक इमाम अहमद बिन सईद थे, जिन्होंने 1744 ईस्वी में इसकी स्थापना की। बचपन (ब्ीपसकीववक) बालक काबूस का बचपन और प्रारम्भिक यौवन सलालाह में बीता। प्रारम्भिक शिक्षा सलालाह और पुणे (भारत) में प्राप्त की। पाँच-छह वर्ष की आयु में बालक ने मिस्त्र के दो उस्तादों, उस्तान इब्राहिम अल हमीम और हकीम बिन सालेम अल गसानी के सन्निध्य में शिक्षा पाई। अरबी और संस्कृत सीखने में इन्होंने विशेष रुचि और प्रतिभा दिखाई। |